ईरान से तनाव पर बोले ट्रंप- नहीं चाहिए हमें तेल, कहा ईरान को परमाणु ताकत नही बनने देंगे

अमेरिका। ईरान अपने कमांडर सुलेमानी की मौत के बाद जब ईरान की सबसे बड़ी मस्जिद पर लाल झंडा फहराया गया, तभी से साफ लगा रहा था कि ईरान अमेरिका से बदला लेकर रहेगा। ईरान ने मंगलवार की रात ईराक में अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर 22 मिसाइलें दागीं हैं। ईरान का दावा है कि उसके हमले में 80 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
हालांकि, अब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के हमले में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा मिसाइल हमले में एक भी अमेरिकी की मौत नहीं हुई है। ट्रंप की मानें तो ईरानी हमले में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मामूली नुकसान हुआ है। ईरान के हमले पर जवाब देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि अमेरिका तेल के लिए यह सब कुछ कर रहा है तो उन्हें हम बताना चाहेंगे कि हमें मिडिल ईस्ट के तेल की जरूरत नहीं है।
तेल को लेकर अमेरिका आत्मनिर्भर है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर मध्य पूर्व में अशांति और हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम आज दुनिया में तेल और गैस के सबसे बड़े उत्पादक हैं। हमारी उन पर कोई निर्भरता नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने उनके साथ डील करके उन्हें एक मौका दिया था, लेकिन वे हमें शुक्रिया कहने की बजाय अमेरिका की मौत के ही नारे लगाते रहे। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सदस्य देशों को साथ आने की अपील की, उन्होंने कहा कि फ्रांस, चीन, रूस, ब्रिटेन, और जर्मनी को आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका के साथ आना चाहिए। जब सब साथ होंगे तभी मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित हो पाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को हम कभी भी परमाणु ताकत नहीं बनने देंगे। हालांकि ट्रंप ने ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में अमेरिका की ओर से सीधे तौर पर कोई ऐक्शन लिए जाने की बात नहीं की।

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