शेल्टर होम में पहुँची 7 गर्भवती लड़कियां, परिवार वालों ने तोड़ा रिश्ता, एसपी ने कही- ये बात

7 pregnant girls arrived in shelter home, family broke relationship
कानपुर। स्वरूप नगर स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह में 7 लड़कियों के प्रेग्नेंट होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सियासी हमलों के बाद अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस भेजकर मामले में तलब किया है। इस बीच, अब तक प्रशासन की तरफ से की गई जांच में कई खुलासे हुए हैं। एसपी के मुताबिक 7 गर्भवती लड़कियों में से 5 ने घर जाने से मना कर दिया था, जबकि दो को उनके घरवालों ने ही ठुकरा दिया। जिला प्रशासन का दावा है कि बालिका गृह में लाए जाने से पहले ही सभी गर्भवती थी। प्रशासन के मुताबिक यहां लाने से पहले पुलिस ने सभी का मेडिकल करवाया था, जिसमें उनके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। इतना ही नहीं किशोरियों को भी इस बात की जानकारी थी। फिलहाल पुलिस ने रिकॉर्ड रूम से सभी की मेडिकल रिपोर्ट तलब की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सभी जब यहां लाई गई तो कितने माह की गर्भवती थीं। पुलिस का कहना है कि बालिका संरक्षण गृह सील होने की वजह से मेडिकल रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है।

पुलिस के मुताबिक, सभी सातों के मामले में रेप, छेड़छाड़, भगा ले जाने और पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज है। पांच मामले में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जबकि दो मामलों की विवेचना चल रही है। इनमें से पांच किशोरियों ने कोर्ट में परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया, जबकि दो के घर वालों ने कोर्ट में कह दिया था कि अब उनका बेटियों से कोई रिश्ता नहीं है। जिसके बाद सभी को संवासिनी गृह भेजा गया। एसपी अनिल कुमार ने बताया कि दो किशोरियों के बारे में यह तय हो चुका है कि वह दाखिल होने से पहले गर्भवती थीं। बाकी पांच की प्रोबेशन अधिकारी से मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई है।

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