दरोगा जी गए थे मुकदमे की विवेचना करने, फिर हुआ ऐसा की पहुँच गए जेल, जानें पूरा मामला

आगरा। भरतपुर जिले के थाना भुसावर क्षेत्र गांव सरगमा में भरतपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने रविवार को तीस हजार रुपये की रिश्वत लेते मगोर्रा थाने का दारोगा को दबोच लिया। सोमवार को दारोगा को जेल भेज दिया गया है। सब इंस्पेक्टर दहेज उत्पीड़न के एक मुकदमे की तफ्तीश कर रहे थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद महिला और उसके ससुरालीजनों के बीच समझौता हुआ था। इसी का पत्र लेने और गवाहों के बयान दर्ज करने गए थे। उनके साथ दो होमगार्ड भी थे।

थाना मगोर्रा क्षेत्र के गांव कोसीखुर्द निवासी मिथिलेश ने एसएसपी कार्यालय में जनसुनवाई में अपने पति राजवीर सिंह, देवर विष्णु व रामवीर और अपनी सास चंदादेवी निवासीगण गांव सरगमा थाना भुसावर, भरतपुर पर दहेज के लिए उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया था। इसी प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने 11 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसकी जांच सब इंस्पेक्टर प्रेमपाल को सौंपी गई। इसी बीच मिथिलेश और उसके ससुरालियों के बीच समझौता हो गया। इसकी फाेटो कापी भी मिथिलेश के ससुरालियों ने थाने पर उपलब्ध करा दी।

सब इंस्पेक्टर ने समझौता की मूल कापी मांगी और गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए कहा था। रविवार को वह थाना मगोर्रा में प्रेमपाल अपनी रवानगी कराकर होमगार्ड दलवीर और मुरारी को साथ लेकर गांव सरगमा के लिए गए। थाना भुसावर प्रभारी निरीक्षक मदनलाल मीणा ने बताया, दारोगा प्रेमपाल ने उनके थाने में तफ्तीश के लिए गांव सरगमा जाने को अपनी आमद भी दर्ज कराई थी। भरतपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) टीम ने उनको मुकदमा समाप्त करने के लिए तीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

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